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Gopalganj News: कुचायकोट के मातेया खास में इंटर कॉलेज निर्माण पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप”

 🔴 घटिया निर्माण, खुला भ्रष्टाचार और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

कुचायकोट के मातेया खास में बन रहे इंटर कॉलेज की इमारत पर उठे गंभीर सवाल

कुचायकोट | गोपालगंज (बिहार)

रिपोर्ट : अखिलेश भारती | RMDDB NEWS

बिहार में शिक्षा के नाम पर चल रही सरकारी योजनाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड अंतर्गत मातेया खास गांव में निर्माणाधीन इंटर कॉलेज (इंटर स्कूल) की इमारत में बड़े स्तर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद जब RMDDB NEWS की टीम मौके पर पहुंची, तो जमीनी हकीकत देखकर हर कोई हैरान रह गया।

स्कूल प्रधानाध्यापक 


यह वही स्कूल भवन है, जिसे क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव माना जा रहा था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता देखकर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह इमारत भविष्य नहीं बल्कि भविष्य की बर्बादी बनती नजर आ रही है।

📹 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुली पोल

मातेया खास गांव में बन रहे इस इंटर कॉलेज का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि निर्माण कार्य में घटिया किस्म की ईंटें, कमजोर मसाला और संदिग्ध सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने मिलकर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जानबूझकर मानकों को दरकिनार कर कम लागत में निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है।


🧱 ग्रामीणों की आपत्ति : “यह बच्चों की जान से खिलवाड़ है”

ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य को लेकर लिखित और मौखिक आपत्ति भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इंटर कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान की इमारत अगर कमजोर होगी, तो आने वाले समय में किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में दूसरे दर्जे की ईंट, कमजोर सीमेंट-मसाला और निम्न गुणवत्ता का सरिया उपयोग किया गया है। यही कारण है कि इमारत खड़ी होने से पहले ही उसमें दरारें दिखने लगी हैं।



🎙️ विनय कुमार की बाइट : “कॉलेज बनना खुशी की बात है, लेकिन…”

ग्रामीण विनय कुमार से जब RMDDB NEWS ने सवाल किया कि आखिर निर्माण कार्य को क्यों रोका गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—

“अगर यहां इंटर कॉलेज बन रहा है, तो यह हमारे गांव के लिए बहुत अच्छी बात है। हमारे बच्चों का भविष्य इससे जुड़ा है। लेकिन अगर यह इमारत कुछ सालों में धंस जाए या गिर जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?”

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी ग्रामीण विकास का विरोध नहीं कर रहा, लेकिन घटिया निर्माण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

🏗️ स्थानीय वार्ड सदस्य का बड़ा खुलासा

घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय वार्ड सदस्य (वार्ड साहब) ने भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे। जब उनसे पूछा गया कि क्या ठेकेदार से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी है, तो उन्होंने साफ इनकार किया।

उन्होंने कहा—

“हमारी ठेकेदार से कोई दुश्मनी नहीं है। बल्कि वह हमारे परिचित ही हैं। हमने उनसे सिर्फ इतना कहा था कि काम सही से कीजिए, ताकि गांव वालों को कोई आपत्ति न हो और आपकी भी बदनामी न हो।”

लेकिन वार्ड सदस्य का आरोप है कि सलाह देने के बावजूद ठेकेदार ने अपनी मनमानी जारी रखी।

⚠️ तकनीकी खामियां : नींव से लेकर छत तक गड़बड़ी

वार्ड सदस्य ने निर्माण की तकनीकी खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा—

नींव में जरूरत से ज्यादा और गलत तरीके से कम्पैक्शन किया गया

कॉलम में जगह-जगह से दरारें दिखने लगी हैं

सरिया सही तरीके से बाइंडिंग नहीं किया गया

छत (स्लैब) का ढलान असमान है

उन्होंने कहा—

“स्लैब ऊपर से अंदर की ओर लटका हुआ है। बिल्डिंग बनने से पहले ही रिजल्ट सामने आ गया है। यह स्कूल बच्चों का भविष्य नहीं, बल्कि भविष्य की बर्बादी है।”



🧱 RMDDB NEWS की टीम ने खुद देखी सच्चाई

जब RMDDB NEWS के पत्रकार इमारत की छत पर पहुंचे, तो वहां भी हालात चिंताजनक नजर आए। छत का ढलान सही नहीं था और कई जगहों पर सतह धंसी हुई दिखी। निर्माण कार्य में गुणवत्ता नियंत्रण का पूरी तरह अभाव नजर आया।

🏫 स्कूल प्रिंसिपल ने भी उठाई थी आवाज

इस मामले में सबसे अहम बात तब सामने आई, जब हमारे संवाददाता ने स्कूल के प्रिंसिपल से बातचीत की। प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि उन्होंने समय-समय पर इस निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी।

प्रिंसिपल ने बताया—

“हमने कई बार DO साहब को सूचना दी कि काम सही तरीके से कराया जाए और किसी भी तरह की लीपापोती न हो।”

उन्होंने बताया कि जब यह भवन केवल जमीन स्तर पर ही था, तभी नींव और कॉलम में कमजोर मटेरियल का इस्तेमाल किया गया था।

🛑 शिकायत के बाद रुका था काम

प्रिंसिपल के अनुसार, उन्होंने इस संदिग्ध निर्माण को देखते हुए आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह निर्माण कार्य काफी दिनों तक बंद भी रहा।

उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई होनी है और वर्तमान में इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक लगभग 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में कमजोर इमारत बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।



😡 धमकी का आरोप : ठेकेदार पर गंभीर सवाल

जब हमारे पत्रकार ने प्रिंसिपल से पूछा कि क्या उन्हें ठेकेदार की ओर से धमकी भी मिली, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया।

प्रिंसिपल ने कहा—

“हां, मुझे विद्यालय आकर धमकाया गया। कहा गया कि इन सब मामलों में मत पड़ो, नहीं तो तुम्हारे साथ अच्छा नहीं होगा।”

जब धमकी देने वाले ठेकेदार का नाम पूछा गया, तो प्रिंसिपल ने स्पष्ट रूप से कहा कि ठेकेदार का नाम अभी बताने से इनकार किया  है।

🚨 भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन की मांग है कि—

निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए

दोषी ठेकेदार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो

सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच हो

निर्माण कार्य दोबारा मानक के अनुसार कराया जाए

🏛️ प्रशासन की चुप्पी, सवाल बरकरार

फिलहाल इस मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से वीडियो, ग्रामीणों की गवाही और स्कूल प्रशासन के आरोप सामने आए हैं, उससे यह मामला सिर्फ निर्माण की लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

✍️ RMDDB NEWS की अपील

RMDDB NEWS प्रशासन से मांग करता है कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य है।





कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer)


यह समाचार रिपोर्ट RMDDB NEWS द्वारा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण, स्थानीय नागरिकों, विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित व्यक्तियों द्वारा दिए गए बयानों तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में व्यक्त किए गए विचार संबंधित पक्षों के कथनों पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं है।


रिपोर्ट में जिन व्यक्तियों या ठेकेदारों का नाम उल्लेखित है, वे उनके द्वारा दिए गए बयानों अथवा सार्वजनिक रूप से सामने आए तथ्यों के संदर्भ में ही शामिल किए गए हैं। RMDDB NEWS किसी भी प्रकार के आरोप की स्वतंत्र जांच एजेंसी नहीं है और न ही न्यायिक निर्णय देने का दावा करता है।


यदि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग को इस समाचार से संबंधित किसी तथ्य, विवरण या कथन पर आपत्ति हो, तो वे अपना पक्ष प्रमाण सहित RMDDB NEWS के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। समाचार का उद्देश्य केवल जनहित में सूचना प्रसारित करना एवं प्रशासन का ध्यान विषय की गंभीरता की ओर आकृष्ट करना है।

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